पल दो पल
जीवन में हर पल अनमोल होता है उन्ही अनमोल पलों में से कुछ पल हमारे लिए निकालें यही गुजारिश है
Monday, December 30, 2013
एक अदद दिल मुहैय्या हुआ तो हम आ गए
बात चली बरबादियों की हम इश्क फरमा गए
Wednesday, December 25, 2013
काश कैद कर लेती रूह को जिस्म में उम्र भर को
कुदरत के करिश्में में दखल की मेरी औकात नहीं
छुपा के फूल बबूल में कोई चल ना दे
कांटे लग जाने का डर है कोई छल ना ले
जलना नहीं मुझे बुझ जाने के बाद
याद करना नहीं भूल जाने के बाद
Saturday, December 7, 2013
गर्म साँसों की महक से सराबोर हुआ मैं
उलझ आँचल में उनके कमजोर हुआ मैं
आया गिरफ्त में जब हाल ए दिल उनका
हटा कर परदे हया के कुछ और हुआ मैं
खेल कर बल खाती घटाओं से काली
एक माहजबीं के चित का चोर हुआ मैं
थम जाएँ चाहत के लम्हें सदा के लिए
दस्त ए दुआ को खुदा की ओर हुआ मैं
रिश्तों में रिश्तों का सिरमोर हुआ मैं
अटूट बंधन को विश्वास की डोर हुआ मैं....अंजना
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