आँखों के इर्द गिर्द हैं मेरी यादों के सिलसिले
कुछ बीते हुए लम्हें कुछ गुजरे हुए जलजले
तन्हाइयों में बीती बातें दिल चीर जाती हैं
चाहा था जिन्हें शिद्दत से वो क्यूँ नहीं मिले
कुछ बीते हुए लम्हें कुछ गुजरे हुए जलजले
तन्हाइयों में बीती बातें दिल चीर जाती हैं
चाहा था जिन्हें शिद्दत से वो क्यूँ नहीं मिले
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