जुल्फों की कैद से निजात कभी कोई पाता नही
सुरूर-ए-ज़ुल्फ़ से कभी कोई बच पाता नही
हुस्न बेमिसाल से नफस-नफस मुअत्तर
इस कैद से आज़ाद कभी कोई हो पाता नही..
सुरूर-ए-ज़ुल्फ़ से कभी कोई बच पाता नही
हुस्न बेमिसाल से नफस-नफस मुअत्तर
इस कैद से आज़ाद कभी कोई हो पाता नही..
No comments:
Post a Comment