यूँ हमेशा दिल्लगी अच्छी नहीं होती
यूँ हर बात हमेशा ही सच्ची नहीं होती
शब्दों के तीर .. कलम से ना निकालिए
कोई बिगड़ ना जाए कहीं थोड़ा संभालिये..
यूँ हर बात हमेशा ही सच्ची नहीं होती
शब्दों के तीर .. कलम से ना निकालिए
कोई बिगड़ ना जाए कहीं थोड़ा संभालिये..
No comments:
Post a Comment