जीने के लिए मरना मुझे गंवारा नहीं
इस जहां में रहना और अब प्यारा नहीं
जिसके वास्ते खुद को भूल बैठी थी मैं
क्यों भागूं उसके पीछे जो बना सहारा नहीं
इस जहां में रहना और अब प्यारा नहीं
जिसके वास्ते खुद को भूल बैठी थी मैं
क्यों भागूं उसके पीछे जो बना सहारा नहीं
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