Sunday, March 3, 2013

इश्क ना हुआ जैसे मौस्मीं बाजार हो गया 
बेगानों की बस्ती में हर कोई खरीदार हो गया 

हर जगह निकल पड़ी फूल बेचने वालों की चांदी 
दिल बिन खुशबू के फूलों का तलबगार हो गया

तड़प रहे हैं सब यहाँ दिल के मारे सितमगर
दिल का मरीज कोई ना था पर बीमार हो गया

सूरत देख दिल की सीरत समझ आ जाती है
दिल ना हुआ जैसे दिलों का व्यापार हो गया


दुश्मनी क्या खूब निभा रहें हैं आपस की दोस्ती में
दो दिलों को मिलाने हर दोस्त भी मददगार हो गया

दूर की सोच रख चिल्ड्रन डे भी क्या इजाद किया गया
वेलेंटाईन डे के नौ माह बाद चिल्ड्रन डे का दीदार हो गया

अंग्रेजी सभ्यता का भूत दीवानों पर सवार हो गया
बसंत मधुमास की जगह वेलेंटाइन का उदगार हो गया.

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