निगाह ए करम उनके हम तर हो जाते हैं
जो वो शोले से भड़कते हैं हम जल जाते हैं
जो हाल ए दिल सुने हमारा वो दिल लगाकर
हम नादाँ हैं इतने तुरत मेहरबान हो जाते हैं
जो वो शोले से भड़कते हैं हम जल जाते हैं
जो हाल ए दिल सुने हमारा वो दिल लगाकर
हम नादाँ हैं इतने तुरत मेहरबान हो जाते हैं
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