Thursday, February 20, 2014

तूने जो पलकें झुकायीं तो रात ढल गयी 
तेरे जाने से महफ़िल की रंगत बदल गयी 

तेरे रूठ जाने से मिरी जिंदगी ही वीरान हुई 
तेरी तस्वीर जो देखी तो तबियत संभल गयी

यहाँ मैं खोया खोया वहां तू भी हैं सोरूर में 
जान कर हाल ए दिल मेरी रुत बदल गयी 

दीवाना कहता फिरता है मुझे सारा जमाना 
सुन तेरे होठों से खुदका नाम जाँ निकल गयी

पाया तुझे फिर से मेरी तबियत मचल गयी
घटाएं उठी दिल से तो मेरी मौत टल गयी 

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