Saturday, October 27, 2012


आज एक मुलाकात होते होते रह गयी
आज आमने सामने बात होते होते रह गयी 
वो नज़रों के सामने से मेरी निकल गया 
आज मेरे हाथ से मेरा वक्त फिसल गया 
काश !! वो चन्द घड़ियाँ फिर से लौट आयें 
काश !! वो बीते पल मेरी बाहों में सिमट आयें .............अंजना

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