आज मेरी धडकनों का मुझे कुछ मुगालता हुआ
सवाल इनसे मैंने पुछा कुछ सालता हुआ
सांस मैं लेती हूँ जब तो गैरों के लिए धड़कती हो क्यूँ
कर मुझसे बेवफाई और के लिए वफ़ा निभाती हो क्यूँ
सवाल इनसे मैंने पुछा कुछ सालता हुआ
सांस मैं लेती हूँ जब तो गैरों के लिए धड़कती हो क्यूँ
कर मुझसे बेवफाई और के लिए वफ़ा निभाती हो क्यूँ
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