मेरी नींदों में आ गया कोई
नए ख़्वाब सजा गया कोई
मेरी तन्हाई मिटा गया कोई
नयी उमंग जगा गया कोई
मैं थी ठहरे हुए पानी की तरह
उस पे हलचल मचा गया कोई
बिन पतवार कश्ती सी जिंदगी
उसे लहरों से खिला गया कोई
मैं उड़ने लगी पंछियों की तरह
सोये अरमां जगा गया कोई
दिल अनजान था धडकनों से मेरी
रूह का रिश्ता बना गया कोई
जिंदगी में हसीं रंग खिला गया कोई
पतझड़ को मधुमास बना गया कोई .
नए ख़्वाब सजा गया कोई
मेरी तन्हाई मिटा गया कोई
नयी उमंग जगा गया कोई
मैं थी ठहरे हुए पानी की तरह
उस पे हलचल मचा गया कोई
बिन पतवार कश्ती सी जिंदगी
उसे लहरों से खिला गया कोई
मैं उड़ने लगी पंछियों की तरह
सोये अरमां जगा गया कोई
दिल अनजान था धडकनों से मेरी
रूह का रिश्ता बना गया कोई
जिंदगी में हसीं रंग खिला गया कोई
पतझड़ को मधुमास बना गया कोई .
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