आजकल हम जल्दी ही बिस्तर पर जाने लगे
ख़्वाबों को दुनिया को हम भी आजमाने लगे
दिन उसके साथ में काटा और रात उसके ख़्वाबों में
हाल ऐसा हुआ एक दूजे के संग पहरों बिताने लगे
सोते जागते बस उसी की तस्वीर रहती है सामने
अब आईने में भी हमें उनके अक्स नज़र आने लगे
सपना टूटा तो समझ आया अपने फितूर का फलसफा
दोस्तों लम्बी सर्द रातो को हम नींद से घबराने लगे
ख़्वाबों को दुनिया को हम भी आजमाने लगे
दिन उसके साथ में काटा और रात उसके ख़्वाबों में
हाल ऐसा हुआ एक दूजे के संग पहरों बिताने लगे
सोते जागते बस उसी की तस्वीर रहती है सामने
अब आईने में भी हमें उनके अक्स नज़र आने लगे
सपना टूटा तो समझ आया अपने फितूर का फलसफा
दोस्तों लम्बी सर्द रातो को हम नींद से घबराने लगे
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