लबो से अपने बस एक जाम दे दो मुझे
मुद्दतों से प्यासा हूँ एक हसीं शाम दे दो मुझे
चाहा तो बहुत मगर गुस्ताखियाँ मुझसे ना हुईं
मेरी शराफत का एक छोटा सा इनाम दे दो मुझे
यूँ ही बुझा लूँगा मैं अपने अरमानो की प्यास
बसा लो दिल में चाहे मौत का फरमान दे दो मुझे
याद रह जाएँ जो सदियों तक ये बीते हुए लम्हें
मेरी तन्हाई मिटाने का ऐसा इंतजाम दे दो मुझे
मेरे हालात को मंजूर नहीं सौदा मेरे दिल का
नीलाम न हो मुहब्बत ऐसा कोई काम दे दो मुझे
जिंदगी में खुद की एक मुकाम दे दो मुझे
झूठा ही सही अपनी मुहब्बत का पैगाम दे दो मुझे.
मुद्दतों से प्यासा हूँ एक हसीं शाम दे दो मुझे
चाहा तो बहुत मगर गुस्ताखियाँ मुझसे ना हुईं
मेरी शराफत का एक छोटा सा इनाम दे दो मुझे
यूँ ही बुझा लूँगा मैं अपने अरमानो की प्यास
बसा लो दिल में चाहे मौत का फरमान दे दो मुझे
याद रह जाएँ जो सदियों तक ये बीते हुए लम्हें
मेरी तन्हाई मिटाने का ऐसा इंतजाम दे दो मुझे
मेरे हालात को मंजूर नहीं सौदा मेरे दिल का
नीलाम न हो मुहब्बत ऐसा कोई काम दे दो मुझे
जिंदगी में खुद की एक मुकाम दे दो मुझे
झूठा ही सही अपनी मुहब्बत का पैगाम दे दो मुझे.
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