Saturday, November 24, 2012

आज फिर तेरी याद मेरी तन्हाई पर हावी है !
बीते लम्हों को अपने शब्दों में पिरोया मैंने !!

जी लेते हैं लोग आँधियों में उजड़ जाने के बाद !


जीने के लिए तेरी यादों से खुद को भिगोया मैंने!!

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