एक अजनबी को हमने पलकों पर बिठाया इस कदर
उतर कर दिल में वो मेरे मेरी आँखों का पानी ले गया
दास्तान दर्द की सुनना भी अजब सुनाना भी अजब
मेरी दर्द ए दास्ताँ की वो जालिम सारी कहानी ले गया
मौत हमको आती नहीं वो मेरी जिंदगानी ले गया
मेरे खामोश प्यार की वो हर एक निशानी ले गया.
उतर कर दिल में वो मेरे मेरी आँखों का पानी ले गया
दास्तान दर्द की सुनना भी अजब सुनाना भी अजब
मेरी दर्द ए दास्ताँ की वो जालिम सारी कहानी ले गया
मौत हमको आती नहीं वो मेरी जिंदगानी ले गया
मेरे खामोश प्यार की वो हर एक निशानी ले गया.
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