पल दो पल
जीवन में हर पल अनमोल होता है उन्ही अनमोल पलों में से कुछ पल हमारे लिए निकालें यही गुजारिश है
Saturday, November 3, 2012
मजहब के दायरों से ऊपर उठ चुकी हूँ मैं
जिन्दा हूँ तो तेरे लिए मरूंगी तो तेरे लिए
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment