रूठना मनाना होना होना था बहुत हुआ !
सब्र टूटने लगा है मेरा अब मान भी जाइए !!
कहने और सुनने की यहाँ बात है फिजूल !
हम ही रूठ जाते है अब आप हमें मनाइए !!
गुजर जायेगी जिंदगी तमाम साथ में तेरे !
विश्वास डिग रहा है मेरा भरोसा दिलाइये !!
चलो देर से ही सही मुस्करा तो दिए !
रूठोगे अब कभी नहीं यह कसम खाइए !! ...
सब्र टूटने लगा है मेरा अब मान भी जाइए !!
कहने और सुनने की यहाँ बात है फिजूल !
हम ही रूठ जाते है अब आप हमें मनाइए !!
गुजर जायेगी जिंदगी तमाम साथ में तेरे !
विश्वास डिग रहा है मेरा भरोसा दिलाइये !!
चलो देर से ही सही मुस्करा तो दिए !
रूठोगे अब कभी नहीं यह कसम खाइए !! ...
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