कर उम्र भर साथ निभाने का वादा मुझ संग
छोड़ कर साथ मेरा तुम गैर संग क्यूँ चल दिए
जीवन को हसीं रंगों से सजाया था तुझ संग मैंने
लेकर मेरे रंग सारे कर मुझे बेरंग क्यूँ चल दिए
तुम थे तो बहार थी मेरे जीवन में हर ओर
एक आंधी सी उड़ा कर पतझड़ तुम क्यूँ चल दिए
तुम थे तो ठहाकों से गूंजती थी मेरी दुनियाँ
कर मेरे जीवन में खामोशियाँ तुम क्यूँ चल दिए
छोड़ कर साथ मेरा तुम गैर संग क्यूँ चल दिए
जीवन को हसीं रंगों से सजाया था तुझ संग मैंने
लेकर मेरे रंग सारे कर मुझे बेरंग क्यूँ चल दिए
तुम थे तो बहार थी मेरे जीवन में हर ओर
एक आंधी सी उड़ा कर पतझड़ तुम क्यूँ चल दिए
तुम थे तो ठहाकों से गूंजती थी मेरी दुनियाँ
कर मेरे जीवन में खामोशियाँ तुम क्यूँ चल दिए
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