Sunday, November 25, 2012

चाहत के बिना तेरे दिल में समा जाते कैसे !!
बिना इजाज़त अहसासों में उतर जाते कैसे !!! १ !!!


कर ही दिया ये तनहा दिल जब हवाले तेरे !!

खुद की धडकनों को फिर हम अपनाते कैसे !!! २ !!!


हम फ़साना कहते रहे और तुम खामोश रहे !!

बिना दस्तक बंद खिड़की को खुलवाते कैसे !!!३ !!!


हमने अश्कों में बहा डाले हसीं जज़्बात सारे !!

तड़प तीर सी चुभती है तुझे समझाते कैसे !!! ४ !!!


सूरूर ए इश्क में मिटा दिया खुद वजूद मैंने !!

लिखा न हो जो किस्मत में तो लिखवाते कैसे !!! ५ !!!



टूटने पर दिल के लिख डाली इक ग़ज़ल हमने !!

सुनता नहीं था शेर कभी उसे ग़ज़ल सुनते कैसे !!! ६ !!!



जब कलम चली ही नहीं तुम्हारी हमारे वास्ते !!

तेरे शब्दों में तेरे गीतों में खुद को ढलवाते कैसे !!! ७ !!!



तेरे देखे बिना तेरी नज़रों में नज़र आते कैसे !!

तेरे इशारे बिना तेरी रूह से मिल पाते कैसे !!! ८ !!!.....अंजना 

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