आज फिर तेरी याद मेरी तन्हाई पर हावी है !
बीते लम्हों को अपने शब्दों में पिरोया मैंने !!
जी लेते हैं लोग आँधियों में उजड़ जाने के बाद !
तेरी यादों के सहारे होकर जीना सीख लिया मैंने !!.
बीते लम्हों को अपने शब्दों में पिरोया मैंने !!
जी लेते हैं लोग आँधियों में उजड़ जाने के बाद !
तेरी यादों के सहारे होकर जीना सीख लिया मैंने !!.
No comments:
Post a Comment