ना कोई मंजिल ना कोई ठिकाना जो मिला वो बस उसी में खुश हैं
खुला आसमान और प्राकृतिक नज़ारे वो मुफ्त में ये लुत्फ़ ले रहे हैं
ना जिन पर घर है ना जिन पर छत है वो तल्ख़ मौसम में जी रहे हैं
नीम का पेड़ है उनका ए सी और बारिश में शावर का मज़ा ले रहे हैं
खुला आसमान और प्राकृतिक नज़ारे वो मुफ्त में ये लुत्फ़ ले रहे हैं
ना जिन पर घर है ना जिन पर छत है वो तल्ख़ मौसम में जी रहे हैं
नीम का पेड़ है उनका ए सी और बारिश में शावर का मज़ा ले रहे हैं
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