तेरा ये दीवानगी मुझे मजबूर किये देती है
जाना चाहूँ मैं दूर मगर ये पास खींच लेती है
मुझमें तेरे होने का मुझे यूँ अहसास है
दूर होकर भी तू मुझसे सदा ही मेरे पास है
जाना चाहूँ मैं दूर मगर ये पास खींच लेती है
मुझमें तेरे होने का मुझे यूँ अहसास है
दूर होकर भी तू मुझसे सदा ही मेरे पास है
No comments:
Post a Comment