Friday, December 14, 2012

ये राजनीति का दंगल है या रावान की लंका 
तहस नहस करने को हनुमान जी आ जाओ 
कितने ही रावन घूम रहे हैं दस से ज्यादा सीस लिए 
इन्हें जड़ से ख़तम करने को राम जी आ जाओ 

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