जिनको खिला खिला कर हमने पाला था
आज उन अपनों ने ही हमसे मुंह मोड़ लिया
जिनके घावों पर हम मरहम लगाया करते थे
आज उन्होंने ही हमारे अरमानो को तोड़ दिया
आज उन अपनों ने ही हमसे मुंह मोड़ लिया
जिनके घावों पर हम मरहम लगाया करते थे
आज उन्होंने ही हमारे अरमानो को तोड़ दिया
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